प्. पू. साध्वी श्री सुदर्शना श्री जी म. सा. का कल प्रातः जयपुर में देवलोकगमन हो गया. उन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आज दिनांक २५ मार्च २०१२ रविवार प्रातः ९ बजे मोती डूंगरी दादाबाड़ी प्रांगन प. पू. साध्वी श्री सुयशा श्री जी आदि ठाना ३ की निश्रा में गुणानुवाद सभा आयोजित की गई. श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, श्रीमाल सभा, मुल्तान सभा एवं जयपुर के समस्त स्थानीय जैन संघों ने इसमें भाग लिया.
श्री संजय छाजेड के भजन एवं साध्वी श्री सुयशा श्री जी के मंगलाचरण से सभा प्रारंभ हुई.
श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ की और से संघ मंत्री ज्योति कोठारी ने सभा का सञ्चालन किया एवं श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए साध्वी श्री के निर्मल एवं अखंड चारित्र व सुदीर्घ अस्वस्थता के समय उनकी समता का उल्लेख किया. साध्वी जी की अस्वस्थता के समय जिन लोगों ने भी उनकी सेवा की उन सभी की विशेष रूप से डा. श्री विनय सक्सेना व श्रीमती चन्द्रा टांक की सेवाओं का उल्लेख किया.
मुल्तान सभा की और से मंत्री श्री नेम कुमार जैन, तपागच्छ संघ की और से अध्यक्ष श्री नरेन्द्र लुनावत, जवाहरनगर संघ से मंत्री श्री तिलोक चन्द गोलेछा ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये. श्यामनगर संघ के अध्यक्ष श्री बिरदिमल दासोत ने साधना में गुण स्थानकों के क्रम का उल्लेख करते हुए साध्वी श्री के गुणों का स्मरण किया. उन्होंने बताया की स्वर्गीया साध्वी श्री के चातुर्मास का लाभ श्यामनगर संघ को मिल चुका है. मालवीयनगर संघ की और से श्री चंद्रप्रकाश सिंघी ने साध्वी जी के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डाला. श्रीमती दुर्गा शर्मा, श्रीमती निर्मला जी ( साध्वी श्री की सांसारिक बहन), श्री आत्माराम बोहरा, वीर बालिका महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या सुश्री सरोज कोचर आदि ने भी अपने बक्तव्यों से सभा को उद्वोधित किया.
डा. विनय सक्सेना ने कहा की उन्हें साध्वी श्री की सेवा का लाभ मिला यह उनके लिए सौभाग्य का विषय है.
इस अवसर पर प्. पू. आचार्य भगवंत कैलाश सागर सुरिश्वर जी, गनिवार्य श्री पूर्णानंदसागर जी, महत्तर साध्वी श्री विनीता श्री जी, श्री चन्द्रकला श्री जी, प्रवर्तिनी श्री चंद्रप्रभा श्री जी, साध्वी श्री मनोहर श्री जी, साध्वी श्री मणिप्रभा श्री जी, साध्वी श्री शशिप्रभा श्री जी, साध्वी श्री नयप्रभा श्री जी,आदि के सन्देश प्राप्त हुए.
मानसरोवर संघ, जैन युवा परिषद्, जैन दिवाकर संस्थान, अरहम सेवा संस्थान, विधायक श्री मोहनलाल गुप्ता, पार्षद श्री अजय यादव आदि के शोक सन्देश भी प्राप्त हुए जिसे पढ़कर सुनाया गया.
श्री जैन श्वेताम्बर सभा के मानद मंत्री श्री धर्मेन्द्र टांक ने साध्वी श्री के संयम जीवन की अनुमोदन करते हुए सभी संघों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने सेवा की.
साध्वी श्री प्रगुणा श्री ने अपने उद्वोधन में कहा की उनकी गुरुवर्य सदा ज्ञान-ध्यान में रत रहीं. स्वाध्याय एवं जप की निरंतर साधना चलती रहती थी. उन्होंने खरतर गच्छ संघ एवं श्रीमाल सभा का साध्वी श्री की सेवा के लिए आभार व्यक्त किया. अंत में तपस्वी साध्वी श्री सुयशा श्री जी के मंगल पाठ के साथ सभा समाप्त हुई.
Sadhvi Sudarshana Sri Ji left for her heavenly abode
Thanks,
Jyoti Kothari

