Tuesday, 7 May 2024

सांगानेर के 1000 वर्ष प्राचीन श्री ऋषभ देव मंदिर में ध्वजारोहण संपन्न


सांगानेर के 1000 वर्ष  प्राचीन श्री ऋषभ देव मंदिर एवं 4 00 वर्ष प्राचीन श्री चन्द्रप्रभु स्वामी श्वेताम्बर जैन मंदिरों में ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ।  सांगानेर बस स्टैंड के पास त्रिपोलीया गली स्थित इन दोनों मंदिरों का वार्षिक ध्वजारोहण कार्यक्रम विधि विधान पूर्वक हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. इस अवसर पर सिद्धाचल जी की पूजा पढाई गई. इस सन्दर्भ में उल्लेखनीय है की चोटानी बंधुओं द्वारा नागर शैली में निर्मित श्री ऋषभ देव स्वामी का मंदिर जयपुर का प्राचीनतम मंदिर है. यह अपनी स्थापत्य शैली एवं कलाकृतियों के लिए विख्यात है. इसका गुम्बद नयनाभिराम कलाकृतियों से पूर्ण है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता ये है की इसमें प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया गया है. 

इस मंदिर के साथ ही एक ही परिसर में श्री चन्द्रप्रभ स्वामी का भी एक  मंदिर है जो की 400 वर्ष प्राचीन है एवं जिसकी प्रतिष्ठा उपाध्याय समयसुन्दर के द्वारा की गई थी. यह मंदिर अपने लदान शैली के लिए विख्यात है. 

कार्यक्रम में श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर के मंत्री श्री देवेंद्र जी मालू, सांस्कृतिक मंत्री श्री सुशील जी मुसल, खरतर गच्छ युवा परिषद् के मंत्री श्री अभिषेक जी  राक्यान आदि बड़ी संख्या में गणमान्य श्रावक उपस्थित रहे. 

ज्योति कुमार कोठारी 
जयपुर 



allvoices

Thursday, 21 March 2024

मालपुरा तीर्थ में भव्य होली मेला, 24 व 25 मार्च 2024 को

1008 श्री वासुपूज्य स्वामीने नमः                                                                  श्री जिन कुशल सूरी सद्गुरूभ्यो नमः


मुख्य छतरी मालपुरा दादाबाड़ी 

प्रत्यक्ष प्रभावी 50 हजार नूतन जैन निर्माता युगप्रधान तृतीय दादा श्री जिन कुशलसूरीजी गुरुदेव की प्रत्यक्ष दर्शनस्थली मालपुरा तीर्थ में  प्रत्यक्ष दर्शन दिवस (होली पूनम) के उपलक्ष्य में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी  रविवार, 24 मार्च व सोमवार, 25 मार्च 2024 को भव्य होली मेले का आयोजन श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ (रजि.), जयपुर द्वारा किया जा रहा है. 

पावन निश्रा: प.पू. गुरुवर्या श्री मनोहर श्रीजी म.सा. की सुशिष्यायें प. पू. श्री मृगावती श्री जी म.सा. आदि ठाणा - 3 एवं शान्तमूर्ति साध्वी श्री महेन्द्रप्रभा श्रीजी म.सा. की सुशिष्यायें प. पू. साध्वी श्री लक्ष्यपूर्णा श्री जी म.सा. (डी. लिट) आदि ठाणा-5

प्रत्यक्ष प्रभावी, जंगम युगप्रधान दादा साहब श्री जिनकुशलसूरि के 691 वें प्रत्यक्ष दर्शन दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रम रविवार 24 मार्च व सोमवार 25 मार्च 2024 को विश्व प्रसिद्ध श्री जिन कुशलसूरी दादाबाड़ी मालपुरा, (राजस्थान) में आयोजित किया जा रहा है। मालपुरा तीर्थ में तृतीय दादा गुरुदेव श्री जिन कुशलसूरी जी ने स्वर्गवास के 15 दिन पश्चात् साक्षात दर्शन दिये थे। जिस शिला पर गुरूदेव ने साक्षात दर्शन दिये थे, उस शिला पर गुरूदेव के चरण स्वतः अंकित हो गए थे. वही शिला मालपुरा तीर्थ की आत्मा है तथा यहाँ उसी शिला पर गुरूदेव के स्वअंकित चरणों की पूजा होती है। इस तीर्थ स्थली में शिखरबद्ध दो मंजिला जिन मन्दिर, भव्य विशाल दादाबाड़ी एवं खरतरगच्छ अधिष्ठायिका श्री अंबिका देवी का मन्दिर सुप्रतिष्ठित है।


आमंत्रण पत्रिका मालपुरा दादाबाड़ी होली मेला 
 

कार्यक्रम

फाल्गुन सुदि 14, सम्वत् 2080, रविवार, 24 मार्च 2024

पक्षाल पूजा व स्नात्र पूजा प्रात: 8.00 बजे से
गुरुदेव पूजन प्रात: 10.00 बजे
साधर्मी वात्सल्य दोपहर 12.00 बजे
साधर्मी वात्सल्य सायं 5.00 बजे से
रात्रि जागरण रात्रि 8.00 बजे से 

फाल्गुन सुदि पूर्णिमा, सम्वत् 2080, सोमवार, 25 मार्च 2024

भक्तामर पाठ व गुरु इकतीसा प्रात: 6.00 बजे
अल्पाहार प्रात: 8.00 बजे से
पक्षाल पूजन एवं स्नात्र पूजा प्रात: 8.30 बजे
दादा गुरुदेव की बड़ी पूजन प्रात: 10.30 बजे
साधर्मी वात्सल्य मध्यान्ह 12.30 बजे से

सम्पूर्ण होली मेले के लाभार्थी

स्व. श्रीमान् हरकचन्द जी नाबेडा - धर्मपत्नि स्व. श्रीमती सूरज देवी जी नाबेडा के दिव्य आर्शीवाद से श्री पीरूलाल जी श्रीमती तारादेवी जी, श्री शोभाग सिंह जी श्रीमती सुशीला जी श्री निहालचन्द जी श्रीमती चन्द्रकान्ता जी, श्री राजेन्द्र कुमार जी श्रीमती इंदिरा जी एवं समस्त नावेडा परिवार, बिजयनगर - हैदराबाद

गायक कलाकार- श्री संयम नाबेड़ा, श्री राजीव विजयवर्गीय, श्री वैभव बाघमार, श्री विपिन पोरवाल, श्री लवेश बुरड़, श्री देपेश जैन एवं संगीतकार : श्री कमल-सुनील परमार


allvoices

Friday, 12 April 2019

विजन डॉक्यूमेंट- खरतर गच्छ संघ, जयपुर



Vision Document For Khartar Gachchh Sangh, Jaipur 

५ सितम्बर २०१७ अर्थात डेढ़ साल पहले यह विजन डॉक्यूमेंट संघ के सभी कार्यकारिणी सदस्यों को भेजकर उनके सुझाव आमंत्रित किये गए थे.  अब इस ब्लॉग के माध्यम से संघ के सभी  सभी सदस्यों से सुझाव आमंत्रित करता हूँ. 
  • १. आपका आधारभूत मूल्य / नीति क्या है? 
  • जिनवाणी व धर्म को आधार मानते हुए चतुर्विध संघ , मानव जाति  एवं प्राणीमात्र की सेवा  करना. 
  • स्वार्थ नहीं अपितु सेवा के भाव से कार्य करना. 

२. आपके लक्ष्य का मुख्य केंद्र बिंदु क्या है?

  • खरतर गच्छ संघ , जयपुर के सदस्यों में जिनवाणी एवं धर्म के भाव को पुष्ट करना, मानव मात्र में उसका प्रसार करना. 
  • सेवा के कार्य को बढ़ाना जिससे संघ के सदस्यों एवं मानवमात्र की सुख समृद्धि में वृद्धि हो. धर्माराधन के अतिरिक्त शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार  आदि क्षेत्रों में  निरंतर कार्य करना. 
  • जैन समाज के विवाहादि सम्वन्ध  जैन समाज में ही हो इसके लिए योजना बना कर काम करना।  
  • समाज में दिखावे एवं फ़िज़ूलख़र्ची को रोकना. 
  • संघ की सम्पत्तियों का उचित रखरखाव, संरक्षण एवं परिवर्धन करना एवं उसे पर्यावरणोन्मुखी बनाना। 
  • वर्त्तमान में होनेवाले सभी कामों की गुणवत्ता में वृद्धि करना. 

३. आपका १० साल का लक्ष्य क्या है?

  • खरतर गच्छ संघ , जयपुर के प्रत्येक सदस्य में  जिनवाणी के प्रति आस्था उत्पन्न करना  एवं उन्हें जिनवाणी के अनुसार वर्तन करने को  निरंतर प्रेरित करना. 
  • संघ के आय को ४ गुना करना एवं बजट का ५० प्रतिशत सेवाकार्यों में खर्च करना. 
  • संघ के प्रत्येक सदस्य के उचित आय, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि का प्रवन्ध करना. 
  • संघ के सभी उपयुक्त स्थलों पर सौर विद्युतीकरण , जल-पुनर्भरण  एवं वृक्षारोपण का  कार्य पूरा करना. 

४. आपकी प्रचार-प्रसार की नीति क्या है? 

  • तीन स्तर पर प्रचार-प्रसार करना है १. अपने सदस्यों में २. भारत-दुनिया के अन्य भागों के जैनों में ३. अन्य धर्मावलम्वियों में.
  • प्रचार प्रसार के लिए वैयक्तिक संपर्क, छपी हुई सामग्री एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जायेगा. जनसम्पर्क इसकी सबसे  महत्व पूर्ण  कड़ी है. 
  • धार्मिक यात्राओं का आयोजन करना. 

५. आपके तीन साल का चित्र क्या है?

  • तीन साल में खरतर गच्छ संघ , जयपुर की आय को कम से कम ५० प्रतिशत बढ़ाना एवं सेवा कार्य में संघ की आय का १५ से २० प्रतिशत खर्च करना. 
  • संघ के प्रत्येक सदस्य परिवार तक न्यूनतम २ लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवाना. 
  • सभी जरूरतमंद विद्यार्थी के विद्यालयीन शिक्षा खर्च के ५०% तक का परिलाभ देना.  
  • २५  हज़ार से कम मासिक आयवाले परिवारों को आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक सहयोग दे कर उनकी आय को कम से कम २५ हज़ार तक पहुंचाना. 
  • ३ व्यक्तियों को ५ प्रतिक्रमण एवं २ अन्य को २ प्रतिक्रमण सीखाना, २ व्यक्तियों को धार्मिक विधि विधान सिखाना एवं ५ व्यक्तियों को संगीत सिखाना.  
  • मोहनबाड़ी के नए मंदिर एवं दादाबाड़ी का निर्माण कार्य पूरा करवाना. 
  • सांगानेर की दादाबाड़ी का काम मास्टर प्लान के अनुसार कम से कम  ४०% पूरा करवाना. 
  • सभी मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम पूरा करवाना. 
  • सभी आवश्यक स्थानों में जल पुनर्भरण  एवं वृक्षारोपण का काम पूरा करवाना, आवश्यकता का ३० प्रतिशत विद्युत् सौर ऊर्जा से प्राप्त करना. 

६. आपकी एक साल की योजना क्या है? 

  • मालपुरा के मरम्मत एवं रखरखाव का काम पूरा करवाना. 
  • मालपुरा में जल पुनर्भरण एवं  सौर विद्युतीकरण का काम करवाना. 
  • सांगानेर दादाबाड़ी का मास्टर प्लान के अनुसार काम शुरू करना. 
  • खो मंदिर में बोरिंग करवा कर वृक्षारोपण करवाना. 
  • आमेर, मोहनबाड़ी, सांगानेर आदि प्राचीन मंदिरों के प्राचीन स्वरुप को बरकरार रखते हुए उनका जीर्णोद्धार करवाना। 
  • स्वास्थ्य बीमा का काम पूरा करवाना एवं शिक्षा के लिए ५ लाख खर्च करना. 
  • १ व्यक्ति को २ एवं एक को ५ प्रतिक्रमण सिखाना। २ व्यक्तियों को संगीत की शिक्षा दिलाना. 
  • संघ की वेबसाइट बनवा कर डिजिटल माध्यम को बढ़ावा देना. 
  • सभी मंदिरों में  अच्छी गुणवत्ता का चन्दन उपलब्ध करवाना. 

७. आपका तीन महीने का लक्ष्य क्या है?

  • मालपुरा  के रखरखाव एवं यात्री सुविधाओं  के मुख्य कामों को करवा लेना. 
  • सांगानेर, आमेर आदि सभी स्थानों में जीर्णोद्धार का काम शुरू करवाना. 
  • मोहनबाड़ी एवं सांगानेर में पानी का कनेक्शन लेना. 
  • सभी मंदिरों में अच्छी गुणवत्ता का धुप व केशर उपलब्ध करवाना. 
  • स्वास्थ्य बीमा का काम पूरा करवाना।  
  • प्रतिक्रमण एवं भक्ति संगीत सीखाने का काम शुरू करना. 
  • क़ानूनी काम के लिए एवं प्रचार प्रसार के लिए कार्यकारिणी समिति से एक-एक व्यक्ति को नियुक्त करना. 

८. आपकी समस्याएं क्या है?

  • संघ की आधारभूत नीति से तालमेल रखनेवाले उचित प्रणाली का अभाव. 
  • संघ के कार्यों को सम्भालनेवाले कार्यकारिणी सदस्यों के बीच में काम का सही तरीके से वितरण नहीं होना.  
  • प्राप्त आय का सही जगह इस्तेमाल नहीं होना व अनावश्यक कामों में खर्च होना. 
  • संघ की उपलब्धियों का उचित प्रचार प्रसार नहीं होना. 

Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Sunday, 17 March 2019

मोहनबाड़ी, जयपुर में अखिल भारतीय श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ महासंघ की सभा


आज  अरिहंत वाटिका, मोहनबाड़ी, जयपुर में अखिल भारतीय श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ महासंघ की कार्यकारिणी की सभा संपन्न हुई.  बैठक में महासंघ  अध्यक्ष श्री रिखब चन्द झारचुर, सहमंत्री श्री धर्मेंद्र मेहता मेहता सहित कार्यकारिणी के अनेक सदस्य उपस्थित थे.

मोहनबाड़ी में निर्माणाधीन विशाल जिनमन्दिर 
श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर को इस बैठक के आतिथ्य का अवसर प्राप्त हुआ. खरतर गच्छ संघ, जयपुर के संघमन्त्री श्री ज्योति कोठारी ने महासंघ  अध्यक्ष श्री रिखब चन्द झारचुर, एवं सहमंत्री श्री धर्मेंद्र मेहता का तिलक एवं माल्यार्पण  स्वागत किया।

अन्य कार्यकारिणी सदस्यों का स्वागत मोहनबाड़ी व्यवस्थापक श्री सुशील जी बुरड़ एवं कार्यकारिणी सदस्य श्री अनिल जी बैद ने किया। अवसर पर संघमन्त्री श्री ज्योति कोठारी ने महासंघ का आगामी चुनाव मालपुरा में कराने हेतु निवेदन किया। उन्होंने कहा की इस  सम्वन्ध में सभी सुविधा खरतरगच्छ संघ, जयपुर द्वारा प्रदान की जाएगी। महासंघ अध्यक्ष ने इस सम्वन्ध में विचार करने का आश्वासन दिया.

Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Saturday, 4 August 2018


<a href="https://www.bloglovin.com/blog/3270091/?claim=ekfgbzp5gnt">Follow my blog with Bloglovin</a>

Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Sunday, 3 June 2018

पर्यावरण संरक्षण से मयूर अभयारण्य बना सांगानेर दादाबाड़ी


पर्यावरण संरक्षण से मयूर अभयारण्य बना सांगानेर दादाबाड़ी 
Peacock Sanctuary at Sanganer Dadabadi 

सांगानेर की जैन दादाबाड़ी अब मयूरों का अभयारण्य बन चुकी है. पर्यावरण संरक्षण के उपायों से ऐसा संभव हुआ है. सांगानेर कभी जयपुर शहर से बहुत दूर हुआ करता था और यहाँ पर घने पेड़ों से घिरा हुआ प्राकृतिक वातावरण था. परन्तु पिछले कुछ दशकों में इसने एक शहर का रूप ले लिया है और यहाँ कंक्रीट के जंगल खड़े हो गए हैं. प्राकृतिक वातावरण का अभाव होने से यहाँ से वन्य जीव जंतु भी लुप्त होने लगे हैं.

Peacock sitting above a tree at Sanganer Dadabadi Jaipur
सांगानेर दादाबाड़ी, जयपुर में पेड़ पर बैठा मयूर 

Peacock moving at the roof Sanganer Dadabadi Jaipur
सांगानेर दादाबाड़ी, जयपुर में छत पर घूमता मयूर

Peacock moving at the garden Sanganer Dadabadi Jaipur
सांगानेर दादाबाड़ी, जयपुर में पेड़ों के नीचे घूमते मयूर
 इस कंक्रीट के जंगल के बीच में सांगानेर की प्राचीन दादाबाड़ी में आज भी काफी पेड़ बचे हुए हैं और यह स्थान मोर, तोते आदि पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थली है. आज यहाँ पर १५० से २०० मोर हैं जो की इस स्थान की सुंदरता को चार चांद लगाते हैं. यहाँ पर प्रतिदिन सुबह शाम ज्वार, बाजरा, मक्का आदि दाना डाला जाता है जिससे मोर, तोते, कबूतर और गिलहरियों का पेट भरता है. पानी की भी समुचित व्यवस्था की गई है जिससे यह स्थान एक अभयारण्य की तरह विकसित हो रहा है.

सांगानेर की श्री जिन कुशल सूरी दादाबाड़ी अत्यंत प्राचीन है. अकबर प्रतिबोधक चतुर्थ दादा श्री जिन चंद्र सूरी जी की प्रेरणा एवं सदुपदेश से बीकानेर निवासी मंत्रीश्वर करमचन्द बच्छावत ने १६ विन शताब्दी में इस दादाबाड़ी का निर्माण करवाया था. इस दादाबाड़ी में श्री जिन दत्त सूरी, जिन चंद्र सूरी, जिनपति सूरी आदि के भी प्राचीन चरण हैं.

Jyoti Kothari at Peacock sanctuary Sanganer Dadabadi
सांगानेर दादाबाड़ी, जयपुर में घूमते हुए लेखक व अन्य युवा 

Peacock sitting on a tree at Sanganer dadabadi sanctuary
सांगानेर दादाबाड़ी, जयपुर में पेड़ पर बैठा मयूर
  जैन आगमों एवं शास्त्रों में बहुतायत से उल्लेख मिलता है की तीर्थंकर परमात्मा एवं आचार्य भगवंतों का प्रवचन उपवनों में होता था. उपवन एक बगीचे जैसा स्थल होता है. शहर से दूर एकांत स्थल में शांत प्राकृतिक वातावरण में अध्यात्म की लहर जगती थी. दिगंबर जैनों की नसियाँ एवं श्वेताम्बरों की दादाबाड़ी भी बाग़ बगीचों के बीच ही होती थी. वस्तुतः दादाबाड़ी में बड़ी शब्द का अर्थ ही बगीचा होता है. परन्तु आज सबकुछ बदल गया है और हम पेड़ पौधे और प्राकृतिक वातावरण से दूर होते चले जा रहे हैं. 

आज सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना आवश्यक हो गया है अन्यथा वो दिन दूर नहीं जब ग्लोबल वॉर्मिंग एवं ग्रीन हाउस इफ़ेक्ट हमे निगल लेगा. इसके लिए विशेष कर युवाओ को जागृत करना बेहद आवश्यक है. युवाओं के लिए चलाए जा रहे विशेष कार्यक्रम में आज 3 जून रविवार को सुबह 6 बजे ही 30-40 युवा, महिलाएं एवं बच्चों ने सांगानेर दादाबाड़ी पहुच कर दर्शन व गुरु इकतिसा पाठ किया। इसके बाद संरक्षित मोर, तोते एवं कबूतरों को दाना खिलाया। सुंदर मोर एवं तोतों को प्राकृतिक वातावरण में विचरते देख कर सभी बहुत आनंदित हुए।  खास कर छोटे बच्चों को बहुत ही मज़ा आया।

Peacock sitting on a tree at Sanganer dadabadi sanctuary
सांगानेर दादाबाड़ी, जयपुर में पेड़ पर बैठा मयूर

Peacock sitting in a dry area at Sanganer dadabadi sanctuary
सूखे स्थान में बैठा मोर 

Peacock moving in the bush at Sanganer dadabadi sanctuary
झाड़ियों के बीच घूमते मोर 

पेड़ की डाली पर बैठा मोर 
दादाबाड़ी से सभी शहर के प्राचीन मंदिर पहुचे। अब तक 10-15 लोग और जुड़ चुके थे। यहां पर ज्योति कोठारी ने सभी को दोनों मंदिरों के इतिहास, कला एवं स्थापत्य की जानकारी दी। सभी मे अपने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण व संवर्धन की भावना बलवती हुई। इसके बाद चाय-नाश्ता व स्नान कर सबने भक्तिपूर्वक स्नात्र पूजा किया। इस तरह आज का भक्ति, पर्यावरण, जीवदया एवं इतिहास से जुड़ा यह कार्यक्रम सानंद सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में खरतरगच्छ संघमंत्री के अतिरिक्त कार्यकारिणी सदस्य श्री पारस जी डागा, श्री अशोक जी डागा, पूर्व सांस्कृतिक मंत्री श्री राजेन्द्र जी भंसाली, मानसरोवर समाज के पूर्व मंत्री श्री महेश जी महमवाल, खरतरगच्छ युवा परिषद के संयुक्त मंत्री श्री अभिषेक राक्यान आदि भी उपस्थित थे। प्रति रविवार सम्पन्न होनेवाले युवा कार्यक्रमों में सम्मिलित होने की विनम्र विनती है।

सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना आवश्यक है अन्यथा यह पृथ्वी रहने लायक नहीं रहेगी. अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, पानी बचाएं और जीवों का संरक्षण करें.

राजस्थान में खून की नदी न बहाने दें 

Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Sunday, 20 May 2018

समय प्रवंधन जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग: प्रोफ़ेसर रमेश अरोड़ा

समय प्रवंधन जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग: प्रोफ़ेसर रमेश अरोड़ा

सिकंदर महान अपनी माँ से मिलने के लिए अपना सम्पूर्ण राज्य दे कर अपने जीवन को दो दिन बढ़ाना चाहता था, और इसके लिये उसने अपने हकीमों से गिड़गिड़ा कर प्रार्थना की थी; परन्तु अपनी सारी कोशिशों के बाबजूद वे उस महान सम्राट को बचा नहीं पाए. इसी प्रकार हिंदी फिल्मों की महान अभिनेत्री 'नूतन' कैंसर से पीड़ित थी और उसका बेटा उसे देखने आ रहा था. नूतन की अंतिम इच्छा अपने बेटे से मिलने की थी पर बेटे के पहुंचने से केवल २० सेकंड पहले उसकी मृत्यु हो गयी. इन घटनाओं से हमे समय का महत्व समझ में आता है. मैनेजमेंट डेवलपमेंट अकादमी के चेयरमैन प्रोफ़ेसर रमेश अरोड़ा आज श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर  द्वारा मोती डूंगरी रोड स्थित दादाबाड़ी में युवाओं के लिए आयोजित कार्यक्रम में Smart Time Management विषय पर बोल रहे थे. 


 प्रोफ़ेसर रमेश अरोड़ा दादाबाड़ी में Smart Time Management विषय पर बोलते हुए
प्रोफ़ेसर अरोड़ा ने कहा की भगवान महावीर गृहस्थ अवस्था में वैभवशाली राजकुमार वर्द्धमान थे परन्तु जब वे वैभव को त्याग कर साधु बने तब जीवन में अध्यात्म को प्रमुखता दी और एक एक क्षण का उपयोग कर अपना सम्पूर्ण समय उद्देश्य की सिद्धि में लगा दिया. उन्होंने कहा की हम भी केवल वैभव के प्रदर्शन में ही अपना समय व्यर्थ न करें.

उन्होंने आगे कहा की जीवन समय से ही बना है. जीवन के सात मुख्य आयामों शारीरिक, मानसिक,  पारिवारिक, सामाजिक, व्यापारिक, भावनात्मक, एवं आध्यात्मिक कर्तव्यों के बीच संतुलन एवं उनमे समय का सही प्रवंधन करने से जीवन को सार्थक और सफल बनाया जा सकता है. उन्होंने समय प्रवंधन को सभी प्रवंधन तकनीकों में सबसे महत्वपूर्ण और सफलता का सूत्र बताया.  


दादाबाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में दर्शकों को सम्वोधित करते हुए प्रोफ़ेसर रमेश अरोड़ा 
खरतर गच्छ संघ के सांस्कृतिक मंत्री श्री अनिल श्रीमाल ने एक भावगीत के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ किया. खरतर गच्छ संघ के मंत्री ज्योति कोठारी ने प्रोफेसर अरोड़ा का परिचय देते हुए उन्हें प्रवंधन गुरु एवं प्रभावी वक्ता के रूप में अभिहित किया. आयोजक संगठनों के अध्यक्ष सर्वश्री प्रकाश चन्द लोढ़ा, सुनील महमवाल, देवेंद्र मालू एवं हेमंत टांक ने माला एवं साफा पहना कर श्री अरोड़ा जी का स्वागत किया. 

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी में नितिन बागरेचा, अभिषेक राक्यान आदि युवाओं ने सम्वन्धित विषय पर प्रश्न पूछे जिसका प्रोफ़ेसर अरोड़ा ने उत्तर दिया. तपागच्छ संघ के महासमिति सदस्य श्री विमल पुनमिया एवं श्री शांति सिंघी ने भी अपने विचार व्यक्त किये. 

कार्यक्रम संयोजक ज्योति कोठारी ने कहा की भगवान  महावीर ने अपने प्रथम शिष्य गणधर गौतम स्वामी को बार बार कहा था की "हे गौतम, एक समय का भी प्रमाद मत करो".  इस बात से जैन धर्म में समय प्रवंधन का महत्व रेखांकित होता है. उन्होंने प्रोफ़ेसर रमेश अरोड़ा जी, इस कार्यक्रम से जुड़नेवाले सभी संगठनों, खरतर गच्छ संघ, श्रीमाल सभा, खरतर गच्छ युवा परिषद् , जिन दत्त कुशल सूरी युवा मंडल एवं उपस्थित युवाओं, एवं सभी श्रोताओं को धन्यवाद अर्पित किया. 

विशेष: श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर युवाओं के लिए लगातार विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है. इस कड़ी में यह चौथा रविवार था. अन्य जैन संगठन भी अब इस कार्यक्रम से जुड़ने लगे हैं और इसके लिए उन सभी का आभार एवं अधिक से अधिक युवा जुड़ें इसके लिए आत्मीय निवेदन.

Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Sunday, 13 May 2018

जैन युवाओं पर परिचर्चा

जैन युवाओं पर परिचर्चा 

खरतर गच्छ संघ की ओर से जैन युवाओं को विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के अभियान में आज शिवजीराम भवन में युवाओं ने खेल गतिविधियों पर चर्चा की. खरतर गच्छ संघ द्वारा युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और हर रविवार युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. विगत दो रविवार भी इसी प्रकार की परिचर्चा की गई थी जिसमे संघ के पदाधिकारियों ने युवा मन की बात सुनी थी.

News discussion on Jain youth at Jaipur
जैन युवाओं पर प्रथम कार्यक्रम 29 अप्रैल का समाचार 

दोनों कार्यक्रमों में युवाओं ने खुलकर अपने व्यक्तिगत, आर्थिक, व्यावसायिक, सामाजिक, धार्मिक आदि विषयों पर चर्चा की और अपने विचारों से अवगत कराया. 

News discussion on Jain youngsters at Jaipur
जैन युवाओं पर दूसरे कार्यक्रम ६ मई का समाचार 
मुख्य वक्ता जयपुर शतरंज संघ के पूर्व संयुक्त सचिव संदीप गोलेछा ने युवाओं से शतरंज के खेल से जुड़ने के लिए आह्वान किया। उन्होंने बताया राजस्थान में अभी इस खेल के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है उन्होंने संघ के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि संघ आगे आकर अपने सदस्यों को खासकर युवाओं को इस खेल से जोड़ने के लिए उन्हें सुविधाएं प्रदान करें।

Sandip Golechha Chess speaking in Jain youth program
जयपुर शतरंज संघ के पूर्व संयुक्त सचिव सचिन गोलेच्छा 
इसके बाद उपस्थित युवा  सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए।

 अभिषेक राक्यान ने कहा कि शतरंज की प्रतियोगिता आयोजित की जाए। विकास बाठिंया ने कहा कि शतरंज के साथ कैरम कि भी प्रतियोगिता कराई जाए। नितिन बागरेचा ने इसके साथ ही बैडमिंटन व अन्य खेल  गतिविधियों को जोड़ने की मांग की। दर्शन कोठारी ने कहा कि युवाओं के लिए कैरियर एवं व्यापार महत्वपूर्ण होता है अतः उस पर भी काम होना चाहिए।

युवाओं ने ये भी कहा कि अच्छे वक्ताओं को बुलाया जाए जो युवाओं को प्रेरित कर सकें एवं भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर सकें।

Letter of Maniprabh Suri for Jain youth program
 गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री मणिप्रभ सूरीश्वर जी महाराज के आशीर्वाद का पत्र 
संघमंत्री ज्योति कोठारी ने युवाओं के विचार सुने एवं उस पर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया की परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री मणिप्रभ सूरीश्वर जी महाराज ने भी इस कार्यक्रम के लिए अपना आशीर्वाद भिजवाया है.

ज्योति कोठारी
संघमंत्री




allvoices


allvoices


allvoices

Friday, 16 March 2018

मुमुक्षु श्री प्रतीक बैद का दीक्षा वरघोड़ा


श्री पूज्य श्री जिन विजयेंद्र सूरी जी महाराज 
अजीमगंज निवासी प्रतीक बैद की यति दीक्षा बीकानेर गद्दी के श्रीपुज्य जी श्री जिनचन्द्र सूरी जी के हाथों से १८ मार्च को होने जा रही है. उल्लेखनीय है की ३० वर्षों के बाद पुरे भारत में कोई यति दीक्षा होने जा रही है अतः इसके लिए जैन समुदाय में अपार हर्ष है. इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए देश-विदेश से करीब ५०० लोग जयपुर आ रहे हैं. 

इस उपलक्ष्य में शनिवार १७ मार्च प्रातः ८ बजे रामलीला मैदान से भव्य वरघोड़ा निकाला जायेगा। जयपुर के महापौर अशोक लाहोटी इस जुलुश को झंडी दिखा कर रवाना करेंगे. यह शोभायात्रा सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार, हल्दियों का रास्ता होते हुए शिवजीराम भवन पहुंचेगी. सांगानेरी गेट पर सांसद रामचरण बोहरा, जौहरी बाजार में विधायक सुरेंद्र पारीक एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जितेंद्र मीणा एवं उपमहापौर मनोज भरद्वाज दीक्षार्थी का अभिनन्दन करेंगे.

शिवजीराम भवन में धर्मसभा होगी जहाँ श्रीपुज्य जी श्री जिनचन्द्र सूरी जी के अतिरिक्त परम पूज्या प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभाश्री जी, परम पूज्या साध्वी श्री संयमपूर्णा श्री जी, व परम पूज्या साध्वी श्री डॉ सुरेखा श्री जी महाराज का प्रवचन होगा। खरतर गच्छ संघ की और से दीक्षार्थी परिवार का अभिनन्दन किया जायेगा. राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय मंत्री अरुण चतुर्वेदी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे. 

सायंकाल ७ बजे से दादाबाड़ी मोती डूंगरी रोड पर भक्ति संध्या रहेगी। इसमें शुभम भंसाली, छत्तीसगढ़ एवं पिंटू स्वामी, बीकानेर मुख्य कलाकार होंगे. १८ मार्च की सुबह मोहनबाड़ी में दीक्षा समारोह होगा. 
आप सभी सादर आमंत्रित हैं।

ज्योति कोठारी, 
संघमंत्री, खरतरगच्छ संघ, जयपूर



allvoices

Tuesday, 6 March 2018

मालपुरा में होलीमेला

मालपुरा में होलीमेला

Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Sunday, 21 January 2018

जैन धार्मिक पाठशाला के प्रमाण पत्र वितरित


धार्मिक शिक्षा के प्रमाण पत्र वितरित

आज प्रातः खरतर गच्छ संघ, जयपुर  द्वारा संचालित जैन धार्मिक पाठशाला के बालक-बालिकाओं को परम पूज्या प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा ६ की निश्रा में प्रमाण पत्र वितरित किया गया. संघ के गणमान्य सदस्यों ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। संघ कार्यकारिणी के सदस्य श्री संजय छाजेड़, पूर्व सदस्य श्री प्रकाश बांठिया, श्री विमल भंसाली, श्रीमती कुसुम डागा, श्रीमती स्नेहलता बांठिया, श्रीमती खारेड़ आदि ने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये.

Jain Dharmik pathshala jaipur khartar gachchh sangh
प्रमाण पत्र  के साथ धार्मिक पाठशाला के विद्यार्थीगण 
इससे पूर्व प्रवर्तिनी श्री जी ने एक घंटे का प्रवचन भी दिया. आपने धार्मिक पाठशाला के विद्यार्थिओं को प्रेरणा देते हुए कहा की ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती अतः विद्यार्थिओं को बिना रुके विद्या का अभ्यास करते हुए अपना ज्ञान बढ़ाते रहना चाहिए.

इस अवसर पर संघ मंत्री ज्योति कोठारी ने अपने उद्वोधन में कहा की इस वर्ष सतत स्वाध्याय निमग्ना परम पूज्य स्वर्गीया प्रवर्तिनी श्री सज्जन श्री जी महाराज साहब की पुण्य तिथि मौन एकादशी के दिन धार्मिक शिक्षा के लिए एक अभियान की शुरुआत की गई जिसे धीरे धीरे सफलता मिल रही है. उन्होंने परम पूज्या प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभा श्री जी महाराज साहब से आग्रह किया की वे अपने जयपुर प्रवास के दौरान इस काम के लिए लोगों को प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्रदान करें. उन्होंने सभी से अपने बच्चों को नियमित रूप से पाठशाला भेजने का आग्रह किया।
Jain Dharmik pathshala khartar gachchh sangh jaipur

परम पूज्या प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभा श्री जी महाराज पाठशाला के विद्यार्थियों के साथ 
खरतर गच्छ संघ द्वारा बालक-बालिकाओं के लिए रविवारीय पाठशाला  चलाई जा रही है एवं इसका दायित्व संघ की युवा शाखा खरतर गच्छ युवा परिषद् ने संभाल रखा है. कुमारी श्रेया डागा एवं श्रीमती प्रतिभा जी दफ्तरी भी शिक्षण कार्य में अपना योगदान दे रहीं हैं. कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह पाठशाला सुचारु रूप से चल रही है और बालक-बालिकागण यहाँ नियमित रूप से धार्मिक शिक्षा एवं संस्कार प्राप्त कर रहे हैं.

परम पूज्या प्रवर्तिनी श्री जी कल ही विचक्षण भवन पधारीं हैं और २३ जनवरी तक यहीं विराजेंगी.

Thanks,
Jyoti Kothari


allvoices

Saturday, 30 December 2017

मालपुरा में नववर्ष मेला


आइये नववर्ष मनाएं मालपुरा दादागुरुदेव के साथ 

श्री जिन कुशल सूरी दादाबाड़ी, मालपुरा में श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर द्वारा  (३१ दिसंबर, २०१७ -१ जनवरी, २०१८) नववर्ष मेले का आयोजन किया गया है. नववर्ष की पूर्व संध्या पर देशभर से आये हुए गुरुभक्त कलाकार गण ३१ दिसंबर को संगीतमय प्रस्तुति देंगे. वे अपनी  स्वरलहरियों से रात्रि जागरण में दादागुरुदेव की भक्ति सरिता बहाएंगे.

श्री जिन कुशल सूरी, मालपुरा दादाबाड़ी
 
इससे पूर्व कुमारपाल राजा की आरती का भव्य कार्यक्रम रखा गया है, जिसमे तीर्थंकर परमात्मा की भव्य आरती की जायेगी. इसके बाद दादागुरुदेव व अन्य आरती के बाद भक्ति संध्या होगी. इस दिन सायंकाल के साधर्मी वात्सल्य का लाभ श्री विश्वास जी - श्रीमती रेणु जी गोठी परिवार एवं भक्ति संध्या का लाभ श्रीमान चंद्रप्रकाश जी प्रकाशचन्द जी लोढ़ा परिवार ने लिया है.

मालपुरा रात्रि जागरण में झूमते भक्तगण 

नववर्ष १ जनवरी प्रातः श्री राम ऋद्धिसार द्वारा रचित श्री दादागुरुदेव की बड़ी पूजा होगी। इस दिन के नवकारसी, पूजा, एवं साधर्मी वात्सल्य का लाभ स्वर्गीया श्रीमती प्रेमकुमारी सुराणा, धर्मपत्नी श्री कमल चन्द जी सुराणा  की स्मृति में सुराणा परिवार द्वारा लिया गया है.

मालपुरा दादाबाड़ी में पूजा का एक दृश्य 

यह सभी कार्यक्रम परम पूज्या स्वर्गीया प्रवर्तिनी महोदया श्री विचक्षण श्री जी महाराज साहब की सुशिष्या परम पूज्या चन्द्रकला श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा एवं  परम पूज्या स्वर्गीया प्रवर्तिनी महोदया श्री प्रमोद श्री जी महाराज साहब की सुशिष्या परम पूज्या श्री गुणरंजना श्री जी महाराज साहब की निश्रा में मनाया जायेगा. इन सभी कार्यक्रमों में सभी साधर्मी वन्धुओं की उपस्थिति सादर प्रार्थनीय है.

सधन्यवाद,
ज्योति कुमार कोठारी

#मालपुरा #दादाबाड़ी #नववर्ष #मेला #2018 

allvoices

Saturday, 9 December 2017

जयपुर में मचेगी पौष दसमी की धूम


जयपुर में मचेगी पौष दसमी की धूम 

२३वें तीर्थंकर पुरुषदानीय श्री पार्श्वनाथ भगवान् का २८९४ वां जन्म कल्याणक दिवस (पौष दसमी) १२ दिसंबर,२०१७ को धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर पर श्री सुपार्श्वनाथ भगवन के बड़े मंदिर, घीवालों का रास्ता, जौहरी बाजार, जयपुर से प्रातः ८.३० बजे भव्य वरघोड़ा निकाला जायेगा। इस वरघोड़े का मुख्य आकर्षण है ऐतिहासिक भव्य रथ. पारसनाथ स्वामी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में सम्पूर्ण श्वेताम्बर जैन समाज द्वारा सम्मिलित रूप से इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है.

जयपुर का ऐतिहासिक रथ 
यह रथयात्रा जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, रामगंज, सूरजपोल होते हुए श्री सांवलिया पार्श्वनाथ मंदि, अरिहंत वाटिका, मोहनबाड़ी पहुंचेगी। रस्ते में सभी स्थानों पर स्थानीय पार्षदों, विधायकों, व्यापार मंडलों एवं राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों द्वारा रथयात्रा की अगवानी एवं स्वागत किया जाएगा. राजस्थान के माननीय गृहमंत्री श्री ग़ुलाबचन्द जी कटारिया, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष श्री अशोक जी परनामी एवं विधायक श्री मोहनलाल जी गुप्ता भी रथयात्रा में सम्मिलित होंगे.

श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक हैं. साथ हैं जयपुर के अन्य अनेक संघ, संस्थाएं, मंडल, परिषद्, युवा एवं महिला प्रकोष्ठ आदि. कार्यक्रम संयोजक हैं श्री तिलोक चन्द गोलेच्छा. 

ऐतिहासिक भव्य रथ के साथ ही इन्द्रध्वज, हाथी, घोड़े, ऊंट, चांदी की पालकी, बैंड बाजे, भजन मंडलियां आदि भी इस भव्य जुलुश का आकर्षण होगा. बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा कलश लिया जायेगा और डांडिया नृत्य भी होगा. राजस्थान की घुड़सवार पुलिस पहली बार किसी जुलुश में शामिल होगी और ये इस जूलूश के आकर्षण का केंद्र विन्दु रहेगी.

रथयात्रा के बाद नवकारसी एवं भगवन पार्श्वनाथ की पञ्च कल्याणक पूजा होगी. तत्पश्चात साधर्मी वात्सल्य का कार्यक्रम रहेगा. नवकारसी, पूजा एवं साधर्मी वात्सल्यके लाभार्थी होंगे श्रीमान हुक्मीचंद जी विजेंद्र कुमार जी पूर्णेंद्र जी कांकरिया परिवार.

सभी साधर्मी वन्धुओं से सम्पूर्ण कार्यक्रम में पधारने की विनती है.

पौष दशमी का जुलुश और ऐतिहासिक रथ

पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक पौष दशमी कार्यक्रम

ज्योति कुमार कोठारी 


#ऐतिहासिक #रथ #पारसनाथ #पार्श्वनाथ #भगवान् #पौषदसमी #श्वेताम्बर #जैन 

allvoices

Tuesday, 14 November 2017

पौष दशमी का जुलुश और ऐतिहासिक रथ

पौष दशमी का जुलुश और ऐतिहासिक रथ 

पिछले ब्लॉग में मैंने इस वर्ष होनेवाले पौष दशमी कार्यक्रम के बारे में लिखा था एवं उसमे ऐतिहासिक रथ के बारे में बताया था. यह रथ एक ऐतिहासिक विरासत है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है. इस रथ का निर्माण श्री मांगीलाल जी जांगिड़ नाम के कलाकार ने करना शुरू किया था  (सन १८६९) परन्तु वह अपने जीवन काल में इसका निर्माण पूरा नहीं कर पाए. उनकी मृत्यु के बाद उनके पुत्र श्री जयलाल जी ने इसका निर्माण पूरा किया. इस रथ को बनाने में ३५ वर्ष का लम्बा समय लगा. जब पौष बड़ी नवमी, सम्वत १९६१ (ईस्वी सन १९०४)  में पहली बार यह रथ पार्श्वनाथ भगवन की शोभायात्रा में निकला तब जयपुर की जनमेदिनी इसे देखने के लिए उमड़ पड़ी थी. तब से ले कर आज तक यह रथ पौष दशमी के जुलुश में निकलता है. श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर के लिए तब से ले कर आज तक यह रथ गौरव का विषय बना हुआ है.

मोहनबाड़ी में खड़ा भव्य रथ 
पहले पौष बड़ी ९ को यह वरघोड़ा श्री सुपार्श्व नाथ स्वामी के बड़े मंदिर से निकल कर मोहनबाड़ी जाता था और दूसरे दिन वहां से पौष बड़ी १० के दिन वापस बड़े मंदिर आता था. बाद में यह जुलुश एक दिन का रह गया और केवल मोहनबाड़ी से बड़े मंदिर, दड़ा, घीवालों का रास्ता, जोहरी बाजार, जयपुर तक आने लगा. इस वर्ष १२ दिसंबर को यह जुलुश फिर से बड़े मंदिर से मोहनबाड़ी तक ले जाया जायेगा।

जयलाल जी के पुत्र छाजुलाल जी ने भी इस काम को बखूबी संभाला. अब उनके पुत्र गिरधारी जी जांगिड़ भी इस रथ की सार संभाल कर रहे हैं. हर साल पौष दशमी के वरघोड़े से पहले वे स्वयं इस रथ के रख रखाव का काम सँभालते हैं और जुलुश में रथ को चलाने का काम करते हैं. ७३ वर्षीय गिरधारी जी ने स्मृतिचारण करते हुए  बताया की इस रथ से उनका पांच पीढ़ी का सम्वन्ध है. उन्होंने यह भी बताया की लगभग ५० साल पहले उनके ताऊजी ने इस रथ की मशीन बदल कर इसकी गति में वृद्धि की थी. पांच वर्ष पहले उन्होंने मुझे ३०-४० वर्ष पहले खींचे हुए रथ के ४ चित्र दिए थे जिन्हे मैंने उस समय ब्लॉग में पोस्ट किया था.

इस भव्य रथ का मुख्य आकर्षण इसमें जोते हुए दो सफ़ेद रंग के घोड़े हैं. यह घोड़े अत्यंत वलिष्ठ दीखते हैं और इनकी शान ही निराली है. भव्य साज के साथ इन दोनों घोड़ों को जो भी देखता है वो इसकी तारीफ किये बिना नहीं रह सकता. ६ पहियोंवाला यह रथ भी अपने आप में भव्यता लिए हुए है. सुन्दर कलात्मक कारीगरी एवं सोने का काम इसकी सुंदरता में चार चाँद लगाता है. रथ के ऊपर बना हुआ गुम्बज अपनी शोभा से सभी का मन मोह लेता है.

Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Sunday, 12 November 2017

पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक पौष दशमी कार्यक्रम



पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक पौष दशमी कार्यक्रम 
१२ दिसंबर, २०१७ 

पौष वदी दशमी भगवान श्री पार्श्वनाथ स्वामी का जन्म कल्याणक दिवस है. आज से २९०० वर्ष पूर्व इसी दिन वाराणसी नगरी में महाराजा अश्वसेन की धर्मपत्नी वामा रानी की रत्न कुक्षि से १४ महास्वप्न सूचित २३ वे तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ स्वामी ने जन्म लिया था. पुरुषों में श्रेष्ठ होने से वे पुरुषदानीय भी कहलाते हैं. सामान्य लोगों की भाषा में उन्हें पारसनाथ कहा जाता है. सभी २४ तीर्थंकरों में वे सर्वाधिक प्रसिद्द हैं और सबसे अधिक तीर्थ भी पारसनाथ के नाम से ही है. १०८ पारसनाथ तो विख्यात है ही. आपके ४ कल्याणक च्यवन, जन्म, दीक्षा एवं केवलज्ञान कशी देश की वाराणसी नगरी में हुए और आपका मोक्ष कल्याणक (निर्वाण) सम्मत शिखर गिरिराज पर हुआ. भगवान पारसनाथ श्याम वर्ण के थे, १० हाथ की काया थी एवं १०० वर्ष की उनकी आयु थी.

पारसनाथ भगवान् का जन्म कल्याणक दिवस पौष वदी दशमी जैन समाज का बड़ा पर्व है और इसे दुनिया भर में धूमधाम से मनाया जाता है. श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर भी सैंकड़ों वर्षों से धूमधाम से इसे मनाता आ रहा है. विगत कुछ वर्षों से इसे श्वेताम्बर जैन समाज के विभिन्न संघों को सम्मिलित कर इस कार्यक्रम को सामूहिक रूप दिया गया है.

gorgeous chariot rath khartar gachchh sangh jaipur
पौष दशमी वरघोड़ा - भव्य रथ का प्राचीन चित्र 
मंगलवार, १२ दिसंबर प्रातः ८.३० बजे श्री सुपार्श्वनाथ स्वामी के बड़े मंदिर, दड़ा, घीवालों के रस्ते से साधु- साध्वी, श्रावक-श्राविकाओं  (चतुर्विध संघ) के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला जायेगा. हाथी, घोड़े, लवाजमे, बैंड एवं भजन मंडलियों के साथ बाजते गाजते यह भव्य जुलुश जोहरी बाजार, बड़ी चौपड़, रामगंज, सूरजपोल होते हुए मोहनबाड़ी, गलता रोड पहुंचेगी. यहाँ पर नवकारसी (नाश्ता) के बाद श्री पार्श्वनाथ पञ्च कल्याणक पूजा पढाई जाएगी एवं साधर्मी वात्सल्य का आयोजन रहेगा. श्री हुक्मीचन्द जी विजेन्द्र कुमार जी कांकरिया परिवार ने नवकारसी एवं साधर्मी वात्सल्य का लाभ लिया है.

प्राचीन रथ की भव्य कारीगरी 
इस भव्य वरघोड़े की सबसे खास बात है अति प्राचीन रथ, जिस पर भगवान् की सवारी निकली जाती है. यह भव्य रथ अत्यंत मनोरम एवं दर्शनीय है. हज़ारों की संख्या में जैन एवं जैनेतर श्रद्धालु इस रथ में आरूढ़ परमात्मा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ते हैं. पुरे रस्ते में दर्शनार्थियों का ताँता लगा रहता है. इस भव्य रथ यात्रा एवं अन्य कार्यक्रमों में सभी साधर्मी वन्धु सादर आमंत्रित हैं.

भव्य रथ का पिछला हिस्सा - पौष दसमी 

पौष दसमी वीडियो २००९ 



Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Monday, 6 November 2017

साधु साध्वियों के बिहार मार्ग (Route)


साधु साध्वियों के बिहार मार्ग 
(Route)

जैन साधुओं का बिहार- समूह में 
सभी जानते हैं की जैन साधु साध्वी गण पैदल बिहार करते हैं और गाड़ी घोड़ों का प्रयोग नहीं करते. लम्बे-लम्बे बिहार में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. जिन स्थानों से साधु साध्वी भगवंतों का बिहार कम होता है वहां यह सनस्य बहुत ही विकत हो जाती है. अनेक स्थानों पर स्थानीय संघ उनकी सहायता के लिए आगे आता है और बहुत सी जगह परम पूज्य साधु साध्वी भगवंतों को अपने स्तर पर ही उन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. जहाँ पर स्थानीय संघ या कोई श्रावक/ श्राविका बिहार में मदद करना भी चाहते हैं उन्हें भी सही रस्ते की जानकारी नहीं होने से वे सही तरीके से मदद नहीं कर पाते हैं. सही बिहार मार्ग की जानकारी से यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है.

भगवन महावीर के पूर्व भावों की कथा में प्रभु ने नयसार के भव में सम्यग दर्शन उपार्जन किया था. उस भाव में नेसार ने जंगल में मार्ग भूले हुए साधुओं को आहार दान दे कर व उन्हें सही मार्ग बता कर सम्यग दर्शन की भूमिका तैयार की थी. नयसार ने मुनियों को द्रव्य से मार्ग बताया और प्रतिदान में मुनियों ने उन्हें मोक्ष का भावमार्ग बताया. इस प्रसिद्द कथा से श्रमण/ श्रमणियों को बिहार में सहायता करने का फल स्पष्ट है.

परम पूज्या स्वर्गीया प्रवर्तिनी महोदया श्री सज्जन श्री जी महाराज साहब की सुशिष्या एवं परम पूज्या प्रवर्तिनी महोदया श्री शशिप्रभा श्री जी महाराज साहब की अज्ञानुवर्तिनी विदुषी साध्वी श्री सौम्यगुणा श्री जी महाराज की प्रेरणा, मार्गदर्शन एवं सहयोग से श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर ने इन बिहार मार्गों का संकलन किया है जिससे यह सभी के लिए उपयोगी हो सके. इस कार्य को करने का सम्पूर्ण श्रेय परम पूज्या साध्वी श्री सौम्यगुणा श्री जी को है.

प्रस्तुत है ऐसे ही कुछ बिहार मार्ग (Route) की जानकारी- उम्मीद है यह साधु-साध्वियों के बिहार में मददगार सावित होगी.





















































Thanks,
Jyoti Kothari
#जैन # साधु # साध्वी #बिहार #बिहारमार्ग #जैनमुनि  

allvoices