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Friday, 1 March 2013

जैन धर्म व समाज विषय पर व्याख्यान ३ मार्च को जवाहरनगर में


 "जैन धर्म व समाज" विषय पर व्याख्यान ३ मार्च को जवाहरनगर में होगा। डा श्रेयांश प्रसाद जैन प्रातः १०  बजे महावीर साधना केंद्र में इस विषय पर मुख्य वक्ता होँगे। डा श्रेयांश प्रसाद जैन प्रख्यात जैन विद्वान हैं। अमेरिका के एल विश्वविद्यालय की जैन शोधार्थी एलेन गफ विशेष रूप से इस व्याख्यान में उपस्थित रहेँगी।.

श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर के अंतर्गत जैन शोध एवं अध्ययन संस्थान एवं श्री श्वेताम्बर जैन संघ, जवाहरनगर के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम  आयोजित होगा.

खरतर गच्छ संघ ने गत वर्ष पञ्च परमेष्ठी विषय पर पांच रविवारीय व्याख्यानमाला आयोजित की थी जिसमे देश के प्रख्यात जैन विद्वानों ने संवंधित विषय पर व्याख्यान दिया था. उस व्याख्यानमाला में हजारों श्रोताओं ने भाग लेकर अपने ज्ञान में अभिवृद्धि की थी।  व्याख्यानमाला की अभूतपूर्व लोकप्रियता को देख कर इसे पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।  इसे प्रति माह जयपुर के विभिन्न कालोनियों में करवाने की योजना है. इसमें अलग अलग विद्वानों के अलग अलग विषय पर प्रवचन होङ्गे.

सभी से कार्यक्रम में समय पर उपस्थित होने की प्रार्थना है.
Jain Research Center and University


Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Monday, 18 June 2012

चातुर्मास में पञ्च परमेष्ठी आराधना एवं व्याख्यानमाला 8 जुलाई से 5 अगस्त


इस वर्ष श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर चातुर्मास में 8 जुलाई से 5 अगस्त तक पञ्च परमेष्ठी आराधना एवं व्याख्यानमाला का कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम विशिष्ट श्रेणी का है एवं इस तरह का आयोजन जयपुर शहर में पहली वार हो रहा है।

जैन धर्म में पञ्च परमेष्ठी तत्व का अत्यंत महत्व है। जैनों के सर्व श्रेष्ठ मंत्र नवकार में इन्ही पञ्च परमेष्ठी को नमस्कार किया गया है। इनमे से प्रथम दो परमेष्ठी अरिहंत एवं सिद्ध परमात्मा को देव तत्व एवं पीछे के तीन आचार्य, उपाध्याय एवं साधू को गुरु तत्व माना गया है। परमेष्ठी तत्व से ही हमें धर्म की प्राप्ति होती है अतः ये धर्म के आधार माने जाते हैं।

  अत्यंत हर्ष का विषय है की हमारे प्रवल पुण्योदय से श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर में इस वर्ष चतुर्विध संघ के साथ चातुर्मास करने का सुअवसर उपस्थित हुआ है।

आगामी 3 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है एवं परम पूज्य स्वर्गीय श्री राजेंद्र मुनि जी  के सुशिष्य परम पूज्य श्री विनय मुनि जी महारज साहब आदि ठाना 3 एवं परम पूज्य प्रवर्तिनी स्वर्गीय श्री विचक्षण श्री जी महाराज साहब की सुशिष्या परम पूज्या श्री सुयशा श्री जी महाराज आदि ठाना 2 का चातुर्मास खरतर गच्छ संघ, जयपुर में हो रहा है।
विनय मुनि एवं सुयशा श्री जी का चातुर्मास प्रवेश जुलुश मुल्तान मंदिर से शिवजी राम भवन

 आप सभी के सान्निध्य में ये सम्पूर्ण कार्यक्रम होगा। जयपुर में विराजीत अन्य साधू साध्वी भगवन्तो को भी आमंत्रित किया जायेगा। 


चातुर्मास प्रारंभ के बाद पहले रविवार 8 जुलाई से ही  पञ्च परमेष्ठी आराधना एवं व्याख्यानमाला का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उस दिन प्रो. कुसुम जैन अरिहंत पद पर अपना व्याख्यान देंगी.  15 जुलाई को प्रो. जे. बी. शाह, निदेशक, एल. डी. इंस्टिट्यूट, अहमदाबाद का सिद्ध पद पर व्याख्यान होगा. 22 जुलाई को प्रसिद्द जैन मनीषी प्रो. सागरमल जैन आचार्य पद पर अपना उद्वोधन देंगे। 29 जुलाई को इस युग के महापुरुष नवकार मंत्र के परम आराधक पन्यास श्री भाद्रंकर विजय जी महाराज के श्रावक शिष्य श्री शशिकांत मेहता उपाध्याय पद का महत्व समझाते हुए नवकार मन्त्र के ध्यान की प्रक्रिया बताएँगे। कर्यक्रम के अंतिम दिन 5 अगस्त को जोधपुर विश्वविद्यालय के प्रो. धरमचंद जैन साधू पद पर प्रवचन देंगे।

इन सभी कार्यक्रमों में भारत के विभिन्न स्थानों से समाज के गणमान्य व्यक्ति भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किये गए हैं।

व्याख्यान माला के साथ ही इन पांच दिनों में विशेष प्रकार की पूजाएँ/ महापूजन आदि रखी गई है जिससे परमेष्ठी तत्व की भक्ति की जा सके।  इन दिनों में विशेष प्रकार के जप अनुष्ठान,एवं तपस्या का भी कार्यक्रम रखा जाएग। साधर्मी वात्सल्य भी आयोजित होंगे.  आप सभी इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित हैं।
Thanks,
Jyoti Kothari

allvoices

Friday, 8 June 2012

चातुर्मास में पञ्च परमेष्ठी आराधना एवं व्याख्यानमाला

इस वर्ष चातुर्मास के दौरान श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ में परम पूज्य विनय मुनि जी महाराज आदि ठाना 3 एवं परम पूज्या साध्वी श्री सुयशा श्री जी महाराज आदि ठाना 2 के सान्निध्य में पञ्च परमेष्ठी आराधना एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया जायेगा। नवकार महामंत्र के प्रथम पांच पदों में
में पञ्च परमेष्ठी तत्त्व को नमस्कार किया गया है।   जयपुर में विराजित अन्य परम पूज्य साधू साध्वी भगवंतों को भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जायेगा।

यह कार्यक्रम चातुर्मास के प्रथम पांच रविबार अर्थात जुलाई महीने की 8, 15, 22 एवं 29 तारीख एवं अगस्त महीने की 5 तारीख को आयोजित होगा। प्रथम दिन अरिहंत पद, दुसरे दिन सिद्ध पद, तीसरे दिन आचार्य पद, चौथे दिन उपाध्याय पद एवं एवं पांचवें दिन साधू पद पर व्याख्यानमाला आयोजित होगी. इन सभी दिनों में अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जैन विद्वानों जैसे डा. सागरमल जी जैन, डा. जे. बी. शाह आदि का प्रवचन होगा। साथ ही विशिष्ट प्रकार की पूजाए एवं जप आदि अनुष्ठान भी होंगे।

इन कार्यक्रमों में भारत के विभिन्न शहरों दिल्ली, मुंबई, कोल्कता, चेन्नई, बैंगलोर आदि के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित होंगे।

शिवजीराम भवन में आयोजित होने वाले इन सभी कार्यक्रमों में सभी सधर्मी बंधू सादर आमंत्रित हैं। कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा बाद में प्रस्तुत कर दी जाएगी।

What is the importance of Navkar Mahamantra in Jainism?


Thanks,
Jyoti Kothari

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