Tuesday, 6 October 2026

11 अक्टूबर, रविवार को आमेर में लगेगा ऐतिहासिक चन्द्रप्रभु भगवान का मेला


पदयात्रा, नन्दीश्वर द्वीप पूजा, 18 अभिषेक पूजन और साधर्मी वात्सल्य का होगा आयोजन

जयपुर, 6 अक्टूबर 2026 जयपुर की प्राचीन जैन धार्मिक परम्परा का महत्वपूर्ण पर्व आमेर मेला 2026 आगामी रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को आमेर स्थित श्री चन्द्रप्रभु श्वेताम्बर जैन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर भगवान श्री चन्द्रप्रभु की विशेष पूजा-अर्चना के साथ ऐतिहासिक नन्दीश्वर द्वीप पूजा का आयोजन होगा। श्री सुनील जी कोठारी, महापौर, जयपुर, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। 

आमेर का श्री चन्द्रप्रभु जिनालय जयपुर की प्राचीन जैन धरोहरों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लगभग 400 वर्ष पुराने इस जिनालय का ऐतिहासिक महत्व है। यह मंदिर आमेर के प्रसिद्ध जगत शिरोमणि मंदिर के ठीक सामने स्थित है। मंदिर का जीर्णोद्धार लगभग 200 वर्ष पूर्व, सन 1819 में, हुआ था। इसी ऐतिहासिक कालखंड में यहां की प्रसिद्ध नन्दीश्वर द्वीप पूजा की परम्परा विकसित हुई।

काष्ठ निर्मित नन्दीश्वर द्वीप विशेष आकर्षण

आमेर मंदिर में सुरक्षित प्राचीन काष्ठ-निर्मित नन्दीश्वर द्वीप इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें 52 जिनालयों का सुंदर निर्माण किया गया है। इन जिनालयों में विराजमान जिन प्रतिमाओं की विशेष मंत्रगर्भित पूजा परम्परा के अनुसार आमेर मेले के अवसर पर ही की जाती है।

काष्ठकला, चित्रकला और पारम्परिक सज्जा से निर्मित यह नन्दीश्वर द्वीप जैन धार्मिक कला और स्थापत्य की दृष्टि से भी विशिष्ट है। मंदिर में प्राचीन प्राकृतिक रंगों से निर्मित चित्रकला तथा अन्य कलात्मक रचनाएँ भी दर्शनीय हैं। विशेष अवसर पर काष्ठ निर्मित स्वर्णमय चित्रकारी युक्त  पारम्परिक तिगड़े में विराजमान भगवान भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र रहेंगे।

इस अवसर पर महोपाध्याय श्री शिवचन्द्र गणि द्वारा रचित नन्दीश्वर द्वीप पूजा का आयोजन किया जाएगा। लगभग दो शताब्दियों से यह पूजा आमेर की धार्मिक परम्परा का महत्वपूर्ण अंग रही है।

विभिन्न जैन परम्पराओं की सहभागिता

आमेर मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि जयपुर के श्वेताम्बर जैन समाज की एकता और सामूहिक धार्मिक परम्परा का पर्व भी है। परम्परागत रूप से खरतरगच्छ, तपागच्छ, स्थानकवासी और तेरापंथ सहित विभिन्न श्वेताम्बर जैन संघ एवं श्रद्धालु इस आयोजन में सम्मिलित एवं सहभागी होते रहे हैं।

जयपुर में विराजित आचार्य, उपाध्याय, साधु-साध्वी वृन्द तथा चतुर्विध संघ भी पदविहार करते हुए आमेर पहुंचेंगे। इस वर्ष भी अनेक साधु-साध्वी अपने शिष्य-शिष्या मंडली सहित आमेर पधारेंगे।

परम पूज्य आचार्य श्री जयानंद सूरीश्वर जी महाराज, परम पूज्य आचार्य श्री महेन्द्रसागर सूरीश्वर जी  महाराज, परम पूज्य उपाध्याय श्री मनीष सागर जी महाराज, परम पूज्य पन्यास श्री जयकीर्ति जी महाराज, परम पूज्या साध्वी श्री मणिप्रभा श्री जी महाराज, परम पूज्या साध्वी श्री प्रशमरसा श्री जी महाराज आदि साधु-साध्वी वृन्द अपने शिष्य-शिष्या मंडली सहित चतुर्विध संघ के साथ प्रातः हवामहल से आमेर तक पदविहार कर आमेर पधारेंगे।

सुबह से शुरू होंगे धार्मिक कार्यक्रम

आमेर मेले के अवसर पर दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

  • 18 अभिषेक पूजन — प्रातः 7 बजे से

  • मंत्रगर्भित नन्दीश्वर द्वीप पूजन — प्रातः 10 बजे से

  • शिखर पर ध्वजारोहण — पूजा के मध्य शुभ मुहूर्त में

  • साधर्मी वात्सल्य — दोपहर 12:30 बजे से

आमेर चन्द्रप्रभु मंदिर में नंदीश्वर द्वीप की प्राकृतिक रंगों में प्राचीन चित्रकारी 

भगवान श्री चन्द्रप्रभु की पूजा, नन्दीश्वर द्वीप पूजा, परम पूज्य आचार्य, उपाध्याय, पन्यास एवं साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन तथा साधर्मी वात्सल्य के माध्यम से श्रद्धालु इस ऐतिहासिक धार्मिक परम्परा में सहभागी होंगे।

श्रद्धालुओं के लिए बसों की व्यवस्था

आमेर मेले में जयपुर के विभिन्न प्रमुख जैन संघों से श्रद्धालुओं को आमेर तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था भी की जाएगी। आयोजकों ने जैन समाज के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आमेर पहुंचकर इस प्राचीन धार्मिक परम्परा में सहभागी बनने का आह्वान किया है।

आमेर मेला जयपुर की जैन धार्मिक, सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत का जीवंत प्रतीक है। नन्दीश्वर द्वीप की प्राचीन काष्ठकला, मंदिर की ऐतिहासिक चित्रकला, भगवान श्री चन्द्रप्रभु की आराधना तथा विभिन्न जैन परम्पराओं की सामूहिक सहभागिता इस आयोजन को विशिष्ट बनाती है।


Thanks, 
Jyoti Kothari

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