Saturday, 5 August 2017

खरतर गच्छ संघ में पर्युषण पर्वाराधना 18 अगस्त से

जैन धर्म एवं जिन शासन का सर्वोत्कृष्ट पर्व पर्युषण अठारह अगस्त २०१७ से प्रारम्भ हो रहा है. श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर भी इस पर्व को उत्साह पूर्वक मनाने की तैयारी कर रहा है. इस वर्ष संघ में प् पू डॉ साध्वी श्री सुरेखा श्री जी महाराज आदि ठाणा ५ का चातुर्मास है. इस अवसर पर कल्पसूत्र का वाचन होगा.




आप श्री अस्वस्थ्यता के कारण मोहनबाड़ी परिसर में विराज रहीं हैं और उसी स्थान पर उनकी निश्रा में पर्युषण पर्व मनाया जायेगा. २२ अगस्त को स्वप्नवतरण और जन्मवांचन का कार्यक्रम रहेगा और २५ अगस्त को संवत्सरी महापर्व है.  सभी साधर्मी बंधू सभी कार्यक्रमों में सादर आमंत्रित हैं.  



Thanks,
Jyoti Kothari

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Thursday, 3 August 2017

आमेर के चन्द्रप्रभु मंदिर की प्राचीन चित्रकारी

आमेर के चन्द्रप्रभु मंदिर की प्राचीन चित्रकारी 

खरतर गच्छ संघ, जयपुर द्वारा संचालित श्वेताम्बर जैन मंदिरों में आमेर का चन्द्रप्रभु (चंदाप्रभु) मंदिर चित्रकला के लिए अपनी विशेष पहचान रखता है.  राजपुताना या आमेर शैली की चित्रकला का उत्कृष्ट निदर्शन इस मंदिर में देखने को मिलता है. यह सभी चित्र भित्तिचित्र श्रेणी के हैं. १८ वीं सदी तक आमेर राजपुताना की राजधानी हुआ करती थी और उस समय का यह जैन मंदिर अपनी कला के लिए प्रख्यात है. 

मंदिर के मुख्यद्वार पर नयनाभिराम चित्रकारी दिखती है. यद्यपि यहाँ पर कोई मनुष्यकृति नहीं है फिर भी यह मुग़ल-राजपूत शैली की चित्रकला का एक श्रेष्ठ नमूना है. मंदिर का रंगमंडप अनेक चित्रों से सुशोभित है जिन्हे आकर्षक प्राकृतिक रंगों से बनाया गया है. अनेक स्थानों पर सोने का काम भी दृष्टिगोचर होता है.

इन चित्रों की विशेषता कला पारखियों को सदियों से अपनी ओर आकर्षित करती रही है. मूल गंभारे (गर्भ गृह) के बहार की दीवार में चार मनमोहक चित्र बने हुए हैं जो काल के प्रभाव से जीर्ण हो रहे हैं. इनमे समवसरण, अष्टापद तीर्थ आदि के चित्र बने हुए हैं.



(श्री अनिल जी बैद ने चार फोटो खींच कर भेजा है) 

मूलनायक चन्द्रप्रभु एवं चित्रकारी
प्राचीन चित्रकला आमेर जैन मंदिर 

इनकी विशेषता इनमे प्रयुक्त रंगों से है. इन चित्रों में लाल रंग के लिए सिंगरफ से बने प्राकृतिक रंग का प्रयोग हुआ है. सिंगरफ में पारा नाम का धातु होता है जो समय के साथ कलौंसी पकड़ता है और अब यह लाल रंग कत्थई जैसा लगने लगा है. इन चित्रों में जो हरे रंग का उपयोग हुआ है वह एक विशेष प्रकार के पत्थर से बनता था और अब यह रंग उपलब्ध नहीं है.

इसी प्रकार से इसमें दुर्लभ पीले रंग (गाय को नीम की पत्तियाँ खिलाकर पीली मिट्टी पर गोमुत्र कराने की विधि से तैयार रंग को गौगुली, एक प्रकार का पीला रंग,  कहा जाता था।) का प्रयोग हुआ है, गोमूत्र से बनने वाला यह रंग अब नहीं बनता है और जिनके पास अभी भी यह रंग मिलता है वो इसकी कीमत ५००० रुपये प्रति ग्राम तक मांगते हैं अर्थात एक ग्राम रंग का मुल्य लगभग दो ग्राम सोने के बराबर!  रंगमंडप की दीवारों में आरस के ऊपर सुन्दर नीले रंग की धारियां बनी हुई है. मोर की गर्दन जैसा यह सुन्दर नीला रंग उच्चकोटि के कीमती लाजवर्त (Lapis Lazuli) रत्न को घिसकर बनाया हुआ है.

काले रंग के लिए काजल का उपयोग किया गया है जो की तिल्ली के तेल के दीपक के धुएं से बनाया जाता था. आमेर जैन मंदिर में कई सुन्दर उपदेश भी लिखे हुए हैं और मुख्यतः इन्हे काले रंग से लिखा गया है. इन रंगों के अलावा अन्य रंगों और सोने का भी प्रयोग किया गया है. 


इस मंदिर के सम्वन्ध में एक महत्वपूर्ण तथ्य ये भी है की लगभग दो सौ साल पहले खरतर गच्छीय श्री शिवचंद्र गणि ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था एवं उसी समय यहीं पर "नंदीश्वर द्वीप" की पजा की रचना की थी. आश्विन शुक्ल तृतीया के दिन आज भी यहाँ मेला भरता है और नंदीश्वर द्वीप का पूजन होता है जिसमे हज़ारों श्रद्धालु भाग लेते हैं.

यह मंदिर हमारी प्राचीन धरोहर है जिन्हे निहारने और सँवारने की जरुरत है.


नंदीश्वर द्वीप प्राचीन चित्रकला 

आमेर जैन मंदिर की अद्भुत चित्रकला अष्टापद तीर्थ 
मैंने ६-७ साल पहले आमेर मंदिर पर एक अंग्रेजी भाषा में एक लेख लिखा था एवं कुछ चित्र भी खींचे थे, उन चित्रों को आपकी सेवा में पेश कर रहा हूँ.

Travel Jaipur: Historic Jain temple in Amber

आमेर मंदिर का द्वार 

मंदिर द्वार पर राजपूत शैली की चित्रकला 

अमर जैन मंदिर का रंगमण्डप 


मूलगंभारे के गुम्बज की चित्रकला 

मूलगंभारे की सुन्दर चित्रकारी 

Thanks,
Jyoti Kothari

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Saturday, 17 June 2017

साध्वी श्री सुरेखा श्री जी का चातुर्मास जयपुर खरतर गच्छ संघ में


 अत्यंत हर्ष का विषय है की परम पूज्या प्रवर्तिनी स्वर्गीय श्री विचक्षण श्री जी महाराज की सुशिष्या साध्वी श्री डा. सुरेखा श्री जी आदि ठाणा ५ का चातुर्मास इस वर्ष जयपुर खरतर गच्छ संघ में होने जा रहा है. साध्वी श्री पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ्य चल रहीं हैं.

पिछले हफ्ते आपकी सर्जरी हुई और अब स्वस्थ में काफी सुधार है. डाक्टरों के अनुसार वे जल्दी ही स्वस्थ हो जाएंगी. अभी चातुर्मास प्रारम्भ होने में लगभग तीन सप्ताह है और उम्मीद की जा रही है की तब तक वे स्वस्थ हो जाएंगी.

 साध्वी श्री डा. सुरेखा श्री जी का जन्म जयपुर में ही हुआ है और अनेक वर्षों के बाद वे चातुर्मास हेतु यहाँ पधारी हैं. इससे संघ में विशेष ख़ुशी का माहौल है. श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर उनके चातुर्मास के लिए विशेष तैयारियां कर रहा है जिससे हर्षोल्लाष पूर्वक उनका चातुर्मास हो सके.

इस वर्ष चातुर्मास ७ जुलाई २०१७ से प्रारम्भ हो रहा है एवं पर्युषण  अगस्त से शुरू होगा.

Thanks,
Jyoti Kothari

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Saturday, 3 June 2017

श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर के चुनाव संपन्न


श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर के 28 मई को संपन्न कार्यकारिणी के चुनाव में निम्नलिखित 26 उम्मीद्वार विजयी घोषित हुए. चुनाव अधिकारी एडवोकेट श्री अजीत लुनिया ने इनके विजयी होने की घोषणा की. यह कार्यकारिणी तीन वर्ष के लिए (२०१७-२०) के लिए चुनी गई है.

१. श्री अजीत कुमार भण्डारी १४. श्री पारस चन्द डागा
२. श्री अनिल बैद १५. श्री प्रकाश चन्द लोढ़ा
३. श्री अनिल लुनिया १६. श्री प्रवीण लोढ़ा
४. श्री अनिल श्रीमाल १७. श्री भीमराज बोहरा
५. श्री अनूप पारख १८. श्रीमती मनीषा राक्यान
६. श्री अशोक बुरड़ १९. श्री मोहनलाल डागा
७. श्री अशोक कुमार डागा २०. श्री मनोज बुरड़
८. श्रीमती आशा गोलेछा २१. श्री राजेंद्र कुमार पटवा
९. श्री किशन चन्द बोहरा २२. श्री विजय कुमार संचेती
१०. श्री गिरधारीलाल टांक २३. श्री विमल चन्द भण्डारी
११. श्री गुरुदत्त बेगानी २४. श्री संजय कुमार छाजेड़
१२. श्री ज्योति कुमार कोठारी २५. श्री सुभाष गोलेछा
१३. श्री देवेंद्र मालू २६. श्री सुशील बुरड़

कार्यकारिणी में निम्नलिखित ५ महानुभावों का सहवरण किया गया.

१. श्रीमती निर्मला पुंगलिया
२. श्री कमल चन्द सुराणा
३. श्री बिरदीमल दासोत
४. श्री तिलोकचन्द गोलेछा
५. श्री विश्वास गोठी

इस प्रकार कुल ३१ लोगों की कार्यकारिणी में से ११ पदाधिकारी चुने गए.

श्री प्रकाश चन्द लोढ़ा अध्यक्ष
श्रीमती निर्मला पुंगलिया वरिष्ठ उपाध्यक्ष
श्री कमल चन्द सुराणा उपाध्यक्ष
श्री ज्योति कुमार कोठारी संघमन्त्री
श्री बिरदीमल दासोत कोषाध्यक्ष
श्री अनिल बैद सहमंत्री
श्री मोहनलाल डागा मंदिर दादाबाड़ी मंत्री
श्री गिरधारीलाल टांक भण्डारक
श्री अनिल श्रीमाल सांस्कृतिक मंत्री
श्रीमती मनीषा राक्यान मंत्री, महिला विभाग
श्री अजीत कुमार भण्डारी मंत्री, बर्तन विभाग

Thanks,
Jyoti Kothari

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